बिहार:-चुनाव में निभायँगे तीसरा मोर्चा, पढ़े लोकप्रिय नेता पप्पू के बारे में

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पूरा नाम राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव,पिता श्री नारायण प्रसाद यादव, माता श्री मति शांति प्रिया,बिहार के पूर्णिया जिले में जन्म 24 दिसम्बर 1967 में हुई थी,पप्पू यादव के भारत के एक नारा जैसे हम 2 हमारे 2 ठीक उसी प्रकार 1 बेटा सार्थक रंजन क्रिकेटर, एक बेटी है।बात किया जाय पप्पू यादव के शिक्षा की तो,उन्हों ने बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक इग्नू से मानवाधिकार कोर्स में डिप्लोमा, दिल्ली इग्नू से डिजास्टर मैनेजमेंट कोर्स में डिप्लोमा, दिल्ली से किये है।

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अभी तक कुल चार बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुये है। अब बात की जाय इनकी राजनीती पर तो,राजद के लिये इनका अच्छा योगदान था,राजनीति इनकी विराशत में परिवार से मिली राजनीतिक और आध्यत्मिक विरासत:पप्पू यादव के दादाजी स्व. श्री लक्ष्मी प्रसाद मंडल, स्वतंत्र भारत के पहले (अपने पंचायत में) ग्राम प्रधान (अर्थात मुखिया) चुने गए| पिताजी श्री चन्द्र नारायण प्रसाद (पेशा – शिक्षक से लेकर टाटा कं. के उच्च पदों पर)
‘प्रोटिस्ट सर्व समाज’ के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष; तथा ये लगातार 24 साल मुखिया रहे|

राषटीय जनता दल से  विरोधी गतिविधि‍यों में संलिप्त आरोप लगा कर पप्पू यादव को छः साल के लिये बाहर निकाल दिया गया था।उस पर बिषय पर प्रतिकिया देते हुये पप्पू यादव से लालू के विरासत पर खतरा होने का आरोप लगाया था। 9मई2015 को जन अधिकार पार्टी (जाप)की स्थापना की और इसकी संस्थापक पप्पू यादव उर्फ राजेश रंजन है। पप्पू यादव की सादी लव मैरिज की थी। 6 फरवरी 1994 में पप्पू यादव और रंजीत की शादी हुई थी।जब कि रंजीता रंजन काग्रेस के नेता थी। दोनो के जाती अलग अलग है।रंजीता रंजन सिख समुदाय से है।

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव बिहार के एक नामी नेता माने जाते है। पार्टी बनाने के बाद गरीब पटना के बाढ़ में अच्छी सुर्खियों में आये थे जो आज भी बरकरार है। पटना में जल जमाव में हल्ला बोले व बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत अभियान चलाया था जम कर सरकार के साथ प्रशासन व विपक्ष को घेरा था,खुद पानी मे जा कर आम जनता को बचाये व खाने पीने दूध आदि का ब्यवस्था कराए थे। इतना ही नही चीन से फैली कोरोना महामारी संकट से अचानक पूरा भारत लोकडौन लग गया था,बिहारी प्रवसी के पास खाने पीने को मोहताज हो गए थे। बिहारी मजदूर लोकडौन लगने के वजह से कोई गाड़ी ट्रेन न चलती थी,लोग पैदल ही घर के लिये चल पड़े थे।उस समय भी बिहारी मजदूरों के लिये मसीहा बन कर खड़े थे। साइकल गाड़ी से जा कर लोगो को आथिक मदद ,खाना,पानी जाने के लिये बस तक सुविधा कराए थे। पप्पू यादव ने कहा था जनता का सेवक हु।मेरा अधिकार यही है जनता का सेवा करना। इसके कामो को युवा आज भी सराहना करते है चाहे वह बिहार या बाहर के हो।

इस बात को भी मान लेनी चाहिये होने वाला बिहार बिधान सभा चुनाव में पप्पू यादव के पार्टी जन अधिकार पार्टी का भी भूमिका तेजी से आगे बढ़ी है। बिहार में पहले से चल रहे गठबंधन,महागठबंधन के बाद तीसरा मोर्चा बिहार विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाएगी,वही बात करे तीसरा मोर्चा तो जन अधिकार मोर्चा,NCP, समाजवादी पार्टी,समरस समाज पार्टी, नेशनल पीपुल्स पार्टी ,समाजवादी जनता दल और ने मिलकर तीसरे मोर्चा का गठन किया है. यह तीसरा मोर्चा  सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगा. जन अधिकार मोर्चा को 64 सीटें दी गई हैं। हमने सर्वे किया है अपने गोपालगंज में तो बीजेपी राजद के वोटर्स का बिहार बिधानसभा चुनाव में पहला पसंद पप्पू यावद के पार्टी जन अधिकार पार्टी पहला पसंद है। पप्पू यादव के कामो को युवा ज्यादा पसंद करते और जाप से जुड़े भी ज्यादा है।

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