जाप 156 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे,पर हो गए बिहार के राजनीति से गायब

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बिहार में जब भी कोई प्राकृतिक प्रकोप आते देखा है जैसे बाढ़ या कोरोना की महामारी सभी में पप्पू यादव बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हमेशा नजर आए है। गरीबों की मदद करते..लेकिन पप्पू यादव के साथ इनकी पार्टी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा,जाप नेता गुफरान अली ने कहा कि जनता की नजर में सेवा का कोई महत्त्व नहीं क्या..? चुनाव में अब सिर्फ कट्टरता का ही महत्त्व है क्या..? हाथ फ्रैक्चर होने के बावजूद भी अपने प्रचार प्रसार के लिए लोगों के बीच मौजूद रहे, लोगों के सुख-दुख में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले पप्पू यादव की हार वाकई निराशाजनक है।

साथ मे यह भी कहा कि ये वही पप्पू यादव है जो दिल्ली मे रहते हुए बिहारियों के लिये अपना आवास दिल दोनो खोल के रखता है ये वही पप्पू यादव है जो बिहार मे बाढ पीडित लोगो को नाव से घर घर खाना पहुचाता पूरा भारत देखा है ये वही पप्पू यादव जो गरीबो के लिये हमेशा आगे रहता है.
ये वही पप्पू यादव जो बाढ में भीगते हुए भोजन पहुंचाया और बीमारी में बच्चों के लिए दवा।
पप्पू यादव ने पहले ही पप्पू यादव ने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा गया था। कि नीतीश को बिहार की राजनीति छोड़, केंद्र की राजनीति करनी चाहिए: भाजपा नीतीश कुमार को हराना चाहती है: हम आपको बताते चले कि पप्पू यादवपप्पू यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान 204 सभाएं की।

बिहार बिधानसभा मे जाप ने इस बार 156 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. चुनाव प्रचार के दौरान 204 सभाएं की और 100 से अधिक घंटा जनता को संबोधित किया था। आखिरी चरण के मतदान में जाप को वोट देने की अपील करते हुए पप्पू यादव ने कहा था कि हमें बिहार के 30 वर्षों के महापाप को धोने के लिए 3 साल चाहिए. बाढ़ और लॉकडाउन में जब सभी नेता अपने-अपने बंगले में कैद हो गये थे तब मैंने और मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों के बीच राशन और अन्य राहत सामग्रियां पहुंचाई थी।. जनता इस बार जातिवाद और संप्रदायवाद को छोड़, नेता नहीं सेवक चुनने को की थी अपील।

बीजेपी पर हमला बोलते हुए जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा नीतीश कुमार को हराना चाहती थी. वो चाहती है कि इस बार मुख्यमंत्री उनका बने. इसलिए लोजपा को अलग किया गया था। और फंडिंग की. अगर मुकेश सहनी की पार्टी वीआइपी को 11 सीटें मिल सकती हैं तो क्या चिराग को एनडीए का हिस्सा रखते हुए 30 सीटें नहीं मिल सकती थी? साथ ही कहा कि हमेशा नीतीश कुमार पर हमला बोलते रहें. साफ़ पता चलता था कि भाजपा और राजद के बीच कोई डील हुई है. इसी के तहत तेजश्वी यादव के खिलाफ हो रहे जांच रोक दिए गए. अब कोई पूछताछ क्यों नहीं हो रही?

पप्पू यादव ने आरोप लगाते हुये कहा कि रालोसपा, बीएसपी और ओवैसी की पार्टी को फंडिंग बीजेपी कर रही है. उत्तर प्रदेश में मायावती भाजपा के उम्मदीवार को समर्थन दे रहीं हैं.

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