गोपालगंज सबेया एयरपोर्ट- भारत के गुप्त 26 एयरपोट में से एक ये भी है

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सबेया
गोपालगंज के हथुआ अनुमंडल के अंतर्गत सबेया एयरपोर्ट आता है,इसका निर्माण सन 1867 में ब्रिटिश शासन ने 517 एकड़ में बनाया था, द्वितीय विश्वयुद्ध में उसका इस्तेमाल हुआ था। जमीन का दस्तवेज हथुआ अंचल कार्यालय में आज भी है ऐसा बताया जाता है। इस सबेया एयरपोर्ट भारत सरकार ने भी 1962 में भारत चीन के लड़ाई के समय अहम भूमिका निभाया था, इस एयरपोर्ट पर इंदिरा गांधी,राजीव गाँधी यहाँ उतर चुके है।यह एयरपोर्ट भारत सरकार के अंतर्गत आता है जहाँ गुप्त 26 एयरपोट में से एक ये भी है,जो कभी आगे कोई लड़ाई में काम आए

खाड़ी के देश मे पूरे बिहार में सबसे ज्यादा लोग गोपालगंज सिवान के लोग है,जो यहाँ से रोजी रोटी के लिये खाड़ी के देशों में है। विदेश में रहने के चलते बिदेशी मुद्रा भी ज्यादा आती है। खाड़ी के देश से वापसी में गोपालगंज सिवान के लोगो के साथ कई धटना तक घट चुकी है,उन्हें मुंबई या दिल्ली जाना पड़ता है। सबेया एयरपोर्ट की माँग कई अरशो से चलते आ रही है खास तौर पर जब चुनाव बिहार का आता है तो नेता जनता इस पर चर्चा जरूर करते है,यहाँ तक कि संसद में भी गोपालगंज संसद श्री आलोक कुमार सुमन आवाज़ उठा चुके है।हम आपको बताते चले,नेपाल, उत्तर प्रदेश की सीमा के चलते अगर बनता है तो खाड़ी में रह रहे प्रवसी यही आना पसंद करेंगे। हालांकि कुशीनगर में एक एयरपोर्ट बन रहा है, बीच बीच मे कई बार ये भी सुनने को मिला कि सबेया एयरपोर्ट बनने वाला है,सर्वे भी कई बार हुवा,आपन गोपालगंज सिवान पेज का टीम 2015 से इस पर आवज उठाते आई है,समय समय पर टीम खाड़ी देश रह रहे प्रवसी से राय भी लिया है कई प्रवासी का कहना था की अगर महँगा किराया होगा तब भी यहाँ अपना सबेया एयरपोर्ट में आना पसंद करेंगे, कई प्रवसी ये भी बता चुके है कि बनने में हम सभी प्रवसी मिल कर सरकार के साथ अच्छा सहयोग करेंगे।

सबेया एयरपोर्ट बनने से गोपालगंज प्रगति तेज हो जाएगी,आस पास वाले को बेरोजगार,को रोजगार मिलेगा, एयरपोर्ट से थावे माँ भवानी की दरबार 10 से 12 km पर यह ऐतिहासिक थावे दुर्गा मंदिर को पर्यटन स्थल है,बहुत दूर दूर श्रद्धालु आते है,जिन्हें बहुत परेसानी का सामना करना पड़ता है,

अभी ये सबेया एयरपोर्ट को अधिकांश अतिक्रमण कर लिया गया है वहाँ के ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि एक बाजार भी इसी जमीन में बन गया है,कुछ लोग खेती करते है,बचा जमीन पर खेलने ड्राइविंग सीखने व नेताओं की रैलियां बरात जैसे काम मे आती है,
हम आपको बताते चले,बहुत पुराना होने के बाद भी आज भी रनवे देखने में मजबूत है। ब्रिटिश जमाने की कार्य बहुत मजबूती से किया जाता था,आपको पूरा एयरपोर्ट घूमने के लिये लागभग 1 घंटे से ऊपर चाहिय,इससे अंदाजा लगा सकते है

       शियासत पर एक नजर 

पूर्व सांसद श्री जनक राम मांझी ने संसद में आवाज़ उठाई थी,गोपालगंज से टीम भी गई थी,NOC मिलने की बात हई थी,श्री नरेन्द्र मोदी अस्वस्थ किए थे ,थोड़ा आशा जगी थी।
पर हुवा कुछ नही। चनाव आया और nda गठबंधन की घोषणा में भी सबेया हवाई एयरपोर्ट बनाए जाने की बात थी, और चुनाव हुवा और एनडीए गठबंधन के जदयू प्रत्याशी श्री आलोक कुमार सुमन जीते और सदन में आवाज भी उठाए कई बार,पर ज्यों का त्यों आज भी पड़ी रही। गोपालगंज सिवान के ग्रामीण आज भी आशा लगाई बैठी है।

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