गोपालगंज:- बीते मई को तीन हत्याकांड में जाँच के लिये पटना से रूपंचक पहुँची सीआईडी।

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गोपालगंज:- बीते मई को तीन हत्याकांड में जाँच के लिये पटना से रूपंचक पहुँची सीआईडी।

मई माह में हुई थी, तीन हत्या में जेपी यावद के माता पिता व भाई को गोली से हुई थी मौत, सामाजिक कार्यकता व भकपा नेता जेपी यादव को भागते समय लगी थी गोली।बुधवार को 3 अधिकारियों की टीम ली,जाँच पड़ताल के बाद पटना के लिये चली गई।

हम आपको विस्तार से बताता चले पिछले 24 मई हथुआ थाना क्षेत्र के रूपंचक गाँव में अचानक सामाजिक कार्यकर्ता जेपी यादव के दरवाजे पर दो मोटर साइकिल से 3 सवार आते है और अनाधुन गोलियां चलाने लगते है। जिसमे जेपी यादव के माता पिता भाई की मौत हो जाती है,एक जेपी यादव भाग कर अपनी जान बचना चाही थी। पर अपराधियों ने पीछा कर गोली चलाई थी जिसमे जेपी यादव के कंधे पर गोली लगी थी। जिन्हें पटना पी एम सी एच में भर्ती कराया गया था। तिहरी हत्याकांड के मामले में अकेले गवाह है। 4 लोगो पर प्राथमिक दर्ज कराई थी।जेपी ने पुलिस को बताया कि घटना में अमरेंद्र पांडेय, सतीश पांडेय, मुकेश पांडेय, बटेश्वर पांडेय का नाम था।पुलिस जाँच कर तीन लोगों को जेल में डाल है। बिधायक अमरेन्द्र पांडेय उर्फ पापु पांडेय के गिरफ्तारी के लिये राष्ट्रपति को पत्र लिखे थ।उस पत्र में अपनी आत्म इक्छा मौत की माँग भी की थी।
इस हत्याकांड पर राजनीति भी होइ थी। pmch मिलने के लिये राजद नेता तेजवशी पहुचे थे,पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी न होने पर पटना से गोपालगंज आने की बात बोली थी,जो प्रशासन अनुमति न दी, जाप अध्यक्ष श्री पप्पू यादव भी मिलने pmch पटना अस्पताल में पहुचे थे।उन्होंने SIT जाँच की माग की थी।

गोपालगंज घटना जेपी यादव का दर्द जो जेपी यादव ने कहा था आप लोगों के आशिर्वाद से सही-सलामत हूं , आशा करता हूं आपलोगों भी अच्छे से होंगे।आप सभी मेरे चाहने वालों को दिल से धन्यवाद जो इस कठीन समय में आप ने मुझे साहस और सहयोग दिया। मैं यह भी आशा करता हूं कि भविष्य में भी आपलोगों का आशीर्वाद और सहयोग बना रहेगा।

दोस्तों मैंने आपलोगों के सहयोग से जो समाजिक लड़ाई छेड़ी थी उसको शिखर पर पहुंचाने का पुरा प्रयास करूंगा।इस लड़ाई में मैंने अपना सबकुछ खो दिया है फिर भी इस लड़ाई को और मजबूती देने के लिए मुझे अपनी जान की बाजी लगानी पड़ी तो मैं कतई इससे पीछे नही हटूंगा।अब मेरी दुनिया आप लोग ही हैं और मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि यह लड़ाई हम जरुर जितेंगे ।

दोस्तों इस समय हमें दो मोर्चों पर लड़ाई लड़नी पड़ेगी।एक तरफ जहां समाज के कमजोर तथा पिछड़े लोगों को सम्मान तथा हक दिलाना है तो दूसरी तरफ मेरे माता-पिता तथा भाई के हत्यारों को सजा भी दिलवानी है।यह सब आपलोगों के सहयोग से ही संभव है। मुझे आशा है कि इस लड़ाई में आपलोग मेरा साथ जरुर देंगे ।
साथियों हमारी इस लड़ाई को कमजोर करने के लिए शासन और प्रशासन भी अपराधियों का साथ दे रही है। फिर भी मैं कहना चाहूंगा कि :-

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